मोबाइल बिल हो सकता है महंगा, Airtel-Idea की IUC चार्ज बढ़ाने की तैयारी

2017-07-19 09:59:56

देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल के साथ अन्य कंपनियां आइडिया और वोडाफोन  IUC (इंटरकनेक्शन यूजर चार्ज) को डबल करने की मांग कर रही है. माना जा रहा है कि अगर IUC चार्ज बढ़ जाएगा तो मोबाइल कॉल के प्राइस पर असर होगा. इससे कॉल रेट्स बढ़ने की आशंका है. आपको बता दें कि आईयूसी वह चार्ज होता है, जो कॉलर का ऑपरेटर, रिसीविंग पॉर्टी के ऑपरेटर को चुकाता है.

फैसले से हो सकता है मोबाइल बिल महंगा
इन कंपनियों का कहना है कि उनके नेटवर्क पर दूसरे नेटवर्क से आने वाली कॉल्स को पूरा कराने की लागत 30 से 35 पैसे प्रति मिनट बैठती है. आईयूसी में किसी तरह का बदलाव मोबाइल कॉल की दरों को प्रभावित करेगा क्योंकि दूरसंचार दरें तय करते समय इस शुल्क पर ध्यान दिया जाता है.

जियो को छोड़कर सभी कंपनियां चाहती है IUC चार्ज बढ़ाना

रिलायंस जियो का मानना है कि इनकमिंग कॉल्स पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगना चाहिए. ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने मंगलवार को दूरसंचार ऑपरेटरों के साथ मीटिंग के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा, बैठक में सभी प्रमुख दूरसंचार कंपनियां शामिल रहीं. कुछ ऑपरेटरों ने आईयूसी को कम करने की मांग की हैं. वहीं, कुछ ने इसे मौजूदा स्तर पर ही कायम रखने को कहा, कुछ अन्य कंपनियां चाहती हैं कि इसमें बढ़ोतरी की जाए. आपको बता दें कि आईयूसी ट्राई द्वारा तय किया जाता है. फिलहाल प्रत्येक इनकमिंग कॉल पर 14 पैसे प्रति मिनट का आईयूसी लगता है.

ट्राई के चेयरमैन आर एस शर्मा ने कहा कि आईयूसी पर सिफारिशें जल्द तैयार होंगी. हालांकि शर्मा ने इसके लिए कोई समयसीमा नहीं बताई.

IUC चार्ज को बढ़ाकर 30 पैसे करना चाहती है कंपनियां
उद्योग के एक सूत्र ने कहा, एयरटेल ने कहा है कि इनकमिंग कॉल को पूरा करने की लागत 30 पैसे बैठती है, ऐसे में आईयूसी बढ़ाया जाना चाहिए, जिससे वे अपनी लागत निकाल सकें. एक अन्य दूरसंचार कंपनी वोडाफोन का कहना है कि उसके नेटवर्क पर आईयूसी 34 पैसे प्रति मिनट बैठती है, जो आईयूसी की मौजूदा दर का दोगुना है. दूरसंचार दरें तय करते समय इस शुल्क को भी देखा जाता है.

सूत्रों की माने तो आइडिया सेल्युलर का कहना था कि उसके नेटवर्क पर कॉल को पूरा करने की लागत ट्राई के तरीके से 30 पैसे बैठती है. हालांकि उसकी गणना के हिसाब से यह 35 पैसे प्रति मिनट बैठती है. कंपनी ने कहा कि वह मौजूदा आईयूसी दरों पर अपनी मूल लागत भी नहीं निकाल पाती है.










hindi.news18.com

Top 9 Highlights

राजनीति

Subscribe us

खानाखजाना

शिक्षा