हीरोइन बनने की तमन्ना रखने वाली इस लड़की का पति ने किया वो हाल कि पुलिस के भी छूट गए पसीने

2017-05-19 10:52:56

राजनीति में दागियों का आना कोई नहीं बात नहीं लेकिन ऐसा कम ही होता है कि राजनीति में आने वाले बाप और बेटे दोनों हत्या जैसे गंभीर अपराध में शामिल हों। हैरान करने वाली बात ये है कि इन दोनों ही बाप-बेटों पर अपनी प्रेमिका और पत्नी को मौत के घाट उतारने का आरोप है।

अपनी कथित प्रेमिका को मौत के घाट उतारने वाले पिता को कोर्ट आजीवन करावास की सजा सुना चुका है जबकि बेटे पर हत्या, साजिश, दहेज उत्पीड़न और सुबूत मिटाने के आरोप को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कल यानि 19 मई से सीबीआई कोर्ट में अपने गवाहों को पेश करना शुरू करेगी।

हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक और मंत्री रहे अमरमणि त्रिपाठी और उनके बेटे अमनमणि ‌त्रिपाठी की। अमरमणि त्रिपाठी और यूपी की एक खूबसूरत कवित्री के प्रेम संबंधों की चर्चा जब जोरों पर थी तभी अचानक उस कवियत्री की हत्या हो गई।

इस मामले में मुख्य आरोपी बने तत्काली विधायक अमरमणि त्रिपाठी आखिरकार कानून के शिकंजे में फंस ही गए और अदालत ने उन्हें ताउम्र कैद में रखने की सजा सुनाई।

अब बारी उनके बेटे की, घरवालों की मर्जी के खिलाफ जाकर जिस युवती सारा ने अमरमणि के बेटे से अमनमणि से लवमैरिज की, उसी की हत्या के आरोप झेल रहे हैं अमनमणि।  आइए जानते हैं, क्या है पूरा मामला।

लखनऊ में हुई थी दोनों की मुलाकात: हाई सोसाइटी में पली-बढ़ी सारा की सारी एजुकेशन लखनऊ में हुई थी। फेसबुक एकाउंट में भी अलग-अलग अंदाज में फोटो शूट से स्पष्ट था कि सारा एक्टिंग के लिए क्रेजी थी। गोरखपुर में रहने वाले पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि की सारा स‌िंह से पहली मुलाकात लखनऊ में हुई।

धीरे धीरे वह सारा स‌िंह को दिल दे बैठा। पिता अमरमणि को जब इसका पता चला तो उन्होंने अमनमणि को सारा से मिलने से रोका, लेकिन व‌ह न माना।उधर, सारा के घरवाले भी उसके अमनमणि से मिलने के खिलाफ थे। घरवालों की मर्जी के खिलाफ सारा से जुलाई 2013 में लखनऊ के अलीगंज स्थित एक आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली।

शादी में सिर्फ दो ही लोग मौजूद थे। अमन के गुपचुप शादी करने से उसके पिता अमरमणि काफी दिनों तक नाराज रहे, लगभग एक वर्ष बाद उन्होंने इस शादी को स्वीकार कर अमन को घर वापस बुलाया।

हादसा या हत्या: अमनमणि और सारा की खूबसूरत लव स्टोरी का अंत काफी दुखद रहा। 9 जुलाई 2015 को संदिग्‍ध हालत में सारा सिंह की मौत हो गई, जब वह अपने पति अमनमणि (पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी का बेटा) के साथ दोपहर में कार से लखनऊ से दिल्ली जा रही थी।

अमनमणि ने सारा के घर वालों को बताया था कि उसकी मौत सड़क हादसे में हुई है, लेकिन, सारा की मां सीमा सिंह, बहन नीति और भाई सिद्धार्थ ने हत्या का आरोप लगाया।

फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के भी पसीने छूटे: सारा त्रिपाठी की मौत के रहस्य से परदा उठाने में फोरेंसिक एक्सपर्ट्स के भी पसीने छूट गए। घटनास्थल से मिले साक्ष्य स्पष्ट नहीं कर पाए कि सारा की मौत सड़क हादसे में हुई या उसकी हत्या की गई? कार में मौजूद उनके पति अमनमणि त्रिपाठी को चोट तक नहीं आई थी। मौका मुआयना करने पहुंची पुलिस भी समझ नहीं पाई थी कि हादसा कैसे हुआ जो सारा की जान चली गई और अमनमणि को खरोंच तक नहीं आई।

अमनमणि पर हत्या का केस: सारा स‌िंह के परिजनों की शिकायत पर  पुलिस ने अमनमणि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, अमनमणि को हत्‍या नहीं बल्कि किडनैपिंग मामले में गिरफ्तार किया था।

बेटी को न्याय दिलाने के लिए सीमा सिंह ने काफी भागदौड़ की। मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। नतीजा रहा कि अक्टूबर 2015 में ही प्रदेश सरकार की सिफारिश पर सीबीआई ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। सीबीआई जांच अभी तक जारी है।

ये कहता है सारा का परिवार: सारा के परिवार के मुताबिक, अमनमणि के खराब बर्ताव के चलते सारा उससे तलाक लेना चाहती थी। अगर सारा, अमन से तलाक लेती, तो पहले अमन को कानूनन सारा को गुजारा भत्ता देना पड़ता और उसके बाद अमन के पिता अमरमणि को अपनी प्रॉपर्टी का बड़ा हिस्सा सारा को देना पड़ता। इससे बचने के लिए उम्रकैद की सजा काट रहे अमन के पिता अमरमणि ने सारा की हत्या की साजिश रची और अमन ने हत्‍या को हादसे का रूप दे दिया।














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