7 साल बाद राम मंदिर पर SC में सुनवाई करेंगे ये तीन जज

2017-08-11 11:07:07

नई दिल्ली। अयोध्या के राम जन्म भूमि और बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले पर आज से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले से जुड़े पक्षकारों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी है। बता दें कि राम जन्म भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट सात साल बाद सुनवाई करने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच दोपहर 2 बजे से सुनवाई करेगी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या भूमि विवाद मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा (जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय खण्डपीठ पीठ गठित की है। यह पीठ 11 अगस्त ने इन याचिकाओं की सुनवाई करेगी।क्या है इलाहाबाद हाइकोर्ट का फैसला?
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने 2010 में अपनी व्यवस्था में इस भूमि को सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाडा और राम लला के बीच तीन हिस्सों में बराबर बराबर विभक्त करने का निर्देश दिया था। प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर की अध्यक्षता वाली पीठ ने 21 जुलाई को कहा था कि इस मामले में शीघ्र सुनवाई के लिये उचित पीठ गठित करने के बारे में निर्णय लिया जायेगा।स्वामी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था
न्यायालय ने यह टिप्पणी उस वक्त की थी जब भाजपा नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने इस प्रकरण को सुनवाई के लिये शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध न्यायालय से किया था। स्वामी का कहना था कि उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ अपील सात साल से शीर्ष अदालत में लंबित हैं और अब इन पर शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता है।

शिया वक़्फ़ बोर्ड का पेंच
इस मामले में जुड़ा एक पक्ष शिया वक़्फ़ बोर्ड का भी है। बाबरी मस्जिद विवाद के समाधान की पेशकश करते हुए उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि अयोध्या में विवादित स्थल से 'समुचित दूरी' पर मुस्लिम बहुल इलाके में एक मस्जिद का निर्माण किया जा सकता है। इस दलील के साथ शिया बोर्ड पहला मुस्लिम संगठन बन गया है जो अयोध्या मुद्दे पर विभिन्न हिंदू निकायों की मांग के समर्थन में आ गया है। 

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