गुजरात राज्यसभा चुनाव : चुनाव आयोग ने कांग्रेस के पक्ष में लिया फैसला, दोनों विधायकों के वोट रद्द होंगे

2017-08-08 23:56:44


गांधीनगर: गुजरात में राज्यसभा चुनाव में तीन सीट के लिए वोटिंग के बाद अब गिनती का मामला दिलचस्प हो चला है. तय समय से लगभग दो घंटे की देरीगांधीनगर: गुजरात में राज्यसभा चुनाव में तीन सीट के लिए वोटिंग के बाद बाद लगभग छह घंटे चले सियासी ड्रामे का अंत हो गया. चुनाव आयोग ने अपने फैसले में साफ कहा कि कांग्रेस के दोनों विधाकों ने जन प्रतिनिधि कानून का उल्लंघन किया है. इसी के चलते दोनों विधायकों का वोट रद्द होगा.

चुनाव आयोग के इस फैसले को कांग्रेस के लिए बड़ी राहत और बीजेपी के लिए झटका माना जा रहा है. चुनाव आयोग की ओर से अभी वोटों की गिनती को लेकर कोई फैसला नहीं आया है.

कौन कौन है मैदान में ?
बीजेपी की तरफ से राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और बलवंत सिंह मैदान में हैं. वहीं, कांग्रेस से सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल मैदान में हैं.

बीजेपी दावा कर रही है कि उनकी पार्टी के तीनों उम्मीदवारों की जीत तय है. वहीं हाल ही में कांग्रेस छोडऩे वाले शंकर सिंह वाघेला ग्रुप के सात और एक कांग्रेस विधायक की क्रॉस वोटिंग से अहमद पटेल की राह मुश्किल हो गयी है.चुनाव आयोग ने कांग्रेस के पक्ष में फैसला लिया है. कांग्रेस की मांग के मुताबिक दोनों विधायक राघव जी पटेल और भोला भाई गोहिल का वोट रद्द होगा. कांग्रेस का आरोप था कि दोनों विधायकों ने वोटिंग के दौरान बीजेपी के एजेंट को बैलट पेपर दिखाए थे. चुनाव आयोग जल्द ही फैसले को अपने वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है. फैसले को बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. चुनाव आयोग ने अपने विस्तृत फैसले में बताया है कि कांग्रेस के दोनों विधायक राघव जी पटेल और भोला भाई गोहिल ने जनप्रतिनिधि कानून का उल्लंघन किया है. इसलिए उनका वोट रद्द होगा. इसके साथ ही बीजेपी का जो तर्क था की दोनों विधायकों के वोट को बैलेट पेपर से कैसे निकाला जाएगा. इस पर चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि हर विधायक के बैलट पेपर के पीछे एक सीरियल नंबर होता है. इस सीरियल नंबर के जरिए बैलेट बॉक्स से बैलेट पेपर को निकाला जाएगा.बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह गुजरात में काउंटिंग सेंटर पर पहुंच चुके हैं. इस बीच खबर है कि चुनाव आयोग रात करीब 11.30 बजे पूरे मामले पर फैसला सुना सकता है. दरअसल चुनाव आयोग फैसला सुनाने से पहले पूरा वक्त लेना चाहता है. आयोग नहीं चाहता कि फैसले को कोर्ट में अगर कोई भी पक्ष चुनौती दे तो फैसले पर चुनाव आयोग को मुंह की ना खानी पड़े.जेडीयू ने गुजरात चुनाव की गाज महासचिव अरुण श्रीवास्तव पर गिराई है. विधायक तक सही संदेश ना पहुंचाने के आरोप पर अरुण यादव को उनके पद से हटा दिया गया है. अरुण श्रीवास्तव शरद यादव के करीबी बताए जाते हैं. बता दें कि नीतीश कुमार ने व्हिप जारी की थी उसके मुताबिक गुजरात में जेडीयू के विधायक छोटू भाई वसावा को बीजेपी को वोट देना था. लेकिन उन्होंने अहमद पटेल को वोट दिया.ताजा खबर के मुताबिक चुनाव आयोग की बैठक चल रही है. चुनाव आयोग आज ही फैसला लेगा. इस फैसले की जानकारी गुजरात चुनाव आयोग की ओर से ही सुनाया जाएगा.  तीसरी बार चुनाव आयोग के दफ्तर से निकलने के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "हम चुनाव आयोग को सिर्फ एक मेमोरंडम रखने आए हैं. हमने चुनाव आयोग के सामने सुप्रीम कोर्ट के पुराने फैसलों का हवाला दिया है. चुनाव आयोग ने हमारे दस्तावेजों को स्वीकार किया है और कहा है कि फैसला देते वक्त इन दस्तावेजों का भी ध्यान रखा जाएगा. केंद्रीय मंत्री यहां आकर क्या साबित कर रहे हैं. बीजेपी की ओर से बड़े बड़े मंत्रियों का यहां आना क्या बीजेपी को बौखलाहट नहीं दिखाता. बीजेपी ने अभी तक चुनाव आयोग में कोई भी दस्तावेज नहीं दिया है. हम तथ्यों की लड़ाई लड़ रहे हैं."बीजेपी के नेता तीसरी बार चुनाव आयोग के दरवाजे पर पहुंचे हैं.  केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगर चुनाव आयोग ने वीडियो मंगवाया है तो कोई बात नहीं, वीडियो देखने के बाद सच सामने आ जाएगा.जानकारी के मुताबिक केंद्रीय चुनाव आयोग ने गुजरात राज्यसभा चुनाव की वोटिंग का वीडियो मंगवाया है. इसके बाद माना जा रहा है कि चुनाव आयोग ने कांग्रेस के आरोपों को गंभीरता से लिया है. इस बीच चुनाव आयोग की ओर से साफ किया गया है कि आज ही वोटों की गिनती होगी.इस बीच बड़ी खबर है कि कांग्रेस नेता तीसरी बार चुनाव आयोग से मिलने आ रहे हैं. सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि गुजरात राज्यसभा चुनाव की वोटों की गिनती आज ही होगी.दूसरी बार चुनाव में अपनी दलीलें पेश करने के बाद बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा, "इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी के व्यवहार से हमें हैरानी है. हमने चुनाव आयोग को बताया कि चुनाव हो चुका है, इसलिए इस समय असमंजस की स्थिति नहीं बननी चाहिए. कांग्रेस दोबारा अपने बड़े नेताओं के साथ मिलने आयी. कांग्रेस पार्टी दो-दो बार आकर एक ही बात दोहरा रही है. कांग्रेस की ओर से गलत दलीलें दी जा रही हैं."कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "बीजेपी को इस तरह के ओछे हथकंडे अपनाना बंद करना चाहिए. बीजेपी के नेता अपने पद का गलत प्रयोग कर रहे हैं. देश के कानून मंत्री और अन्य केंद्रीय मंत्री ने खुद यहां आकर प्रभाव डालने की कोशिश की. वित्त मंत्री हों या कानून मंत्री नाजायज काम नहीं कर सकते. बापू की धरती पर हमेशा सत्य की जीत हुई है, इस बार भी सत्य ही जीतेगा."घंटे भर में दूसरी बार चुनाव चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने कहा, "हमने चुनाव आयोग को बताया है कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि दो कांग्रेस विधायकों ने अपने बैलट पेपर अनाधिकृत व्यक्तियों को दिखाए. हमने चुनाव आयोग से वीडियो देखने की भी मांग की. हमने हरियाणा चुनाव का भी हवाला दिया है. हमने चुनाव आयोग से कहा कि वो निर्णय लें, संविधान के तहत ये चुनाव आयोग की ही जिम्मेदारी है."बीजेपी का एक प्रतिनिधि मंडल दोबारा चुनाव के दफ्तर पहुंचा है.ताजा खबर के मुताबिक कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल एक बार चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा. बीजेपी पर पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता और राज्यसभा उम्मीदवार अहमद पटेल ने कहा कि हमने तुरंत ही आपत्ति दर्ज करायी थी.केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, "सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर वोट पड़े, कांग्रेस ने सुबह से कोई आपत्ति दर्ज नहीं करायी. हार की हताशा के लिए कांग्रेस को मौका ना मिले. बैलट बॉक्स में वोट जाने के बाद के बाद अब सिर्फ कोर्ट के आदेश पर ही बैलट बॉक्स खुल सकती है. अगर कांग्रेस को आपत्ति है तो कोर्ट जाए."चुनाव आयोग में मुलाकात के बाद कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, "कांग्रेस पार्टी सुबह से बेबुनियाद आरोप लगा रही है. सुबह में वोट होता है लेकिन कोई आपत्ति नहीं की जाती. सभी चैलन पर चल रहा है कि हम जीत रहे हैं. इसके बाद जब उन्हें पता चला कि वो हारने वाले तब उन्होंने आपत्ति दर्ज की. हमने चुनाव आयोग से साफ कहा है कि एक बार जब बैलट बॉक्स में बंद हो गए तो फिर किसी के पास कोई विकल्प नहीं है. कांग्रस अपनी हार को देखकर बौखला रही है."काग्रेस के बाद अब बीजेपी नेता भी चुनाव आयोग जा रहे हैं. बीजेपी के प्रतिनिधि मंडल में पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी और धर्मेंद्र प्रधान शामिल हैं. बीजेपी कांग्रेस के विधायक गिरीश गिराठिया के वोट रद्द कराने की मांग लेकर चुनाव आयोग पहुंची है.कांग्रेस की अपील पर केंद्रीय चुनाव आयोग में बैठक शुरू हो गयी है. इस बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार ज्योति भी मौजूद हैं. जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है.कांग्रेस की शिकायत के बाद बीजेपी ने तर्क दिया है कि जब वोट बैलट बॉक्स के अंदर जा चुका है तो फिर किसी के वोट की पहचान कैसे की जा सकती है. और किसने किसको वोट दिया ये कैसे पता चलेगा. इसलिए किसी विधायक का वोट कैंसिल ना किया जाए.एनसीपी की ओर से प्रेस रिलीज़ जारी कर बताया गया कि पार्टी की व्हिप के खिलाफ एक विधायक ने वोट किया है. एनसीपी ने व्हिप जारी कर कहा था कि दोनों विधायकों को कांग्रेस को वोट देना है. लेकिन एक विधायक ने व्हिप का उल्लंघन करते हुए बीजेपी को वोट दिया. (व्हिप का मतलब होता है पार्टी की ओर से जारी वो आदेश जिसके आधार पर सभी पार्टी विधायकों को वोट करना होता है. अगर विधायक व्हिप का उल्लंघन करता है तो उस कार्रवाई होती है. इतना ही नहीं विधायक की सदस्यता तक जा सकती है.)कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और आरपीएन सिंह विधायकों की शिकायत लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग के पास पहुंची है. इसीलिए जब केंद्रीय चुनाव आयोग की ओर से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो जाती वोटों की गिनती शुरू नहीं होगी. इससे पहले खबर आयी थी राज्य चुनाव आयोग की सिफारिश के बाद वोटों की गिनती की प्रकिया शुरू हो गयी है.राज्य चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत को स्थानीय स्तर पर खारिज कर दिया है. इसी के साथ वोटों की गिनती शुरू हो गयी है. शाम सात बजे तक नजीते आने की उम्मीद जतायी जा रही है.राज्य चुनाव आयोग ने केंद्रीय चुनाव आयोग से वोटो की गिनती शुरू करने की इजाज़त मांगी है. सूत्रों के मूताबिक राज्य चुनाव आयोग ने कांग्रेस की शिकायत को नजरअंदाज़ करते हुए गिनती शुरू करने की इजाज़त मांगी है.काउंटिग सेंटर पर गुजरात के मुख्य चुनाव आयुक्त पहुंच चुके हैं. थोड़ी देर में कांग्रेस की शिकायत पर फैसला हो सकता है.वोटों की गिनती शुरू होने में देर इसलिए हो रही है क्योंकि कांग्रेस ने चुनाव आयोग में एक पत्र लिखकर शिकायत की है. कांग्रेस के मुताबिक दो विधायक राघव जी पटेल और बोहरा भाई पटेल ने वोट देने से पहले कांग्रेस के पोलिंग एजेंट को दिखाने के बजाए बीजेपी के एजेंट को दिखाया. कांग्रेस के मुताबिक ये प्रोटोकॉल का उल्लंघन है. दोनों विधायकों ने पार्टी व्हिप का भी उल्लंघन किया है. कांग्रेस की मांग है कि दोनों विधायकों के वोट को अमान्य कर दिया जाए.थोड़ी देर में शुरू होगी वोटों की गिनती, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह काउंटिंग सेंटर पर पहुंचे गए हैं.
गुजरात में वोटिंग खत्म हो गई है. हाल ही में कांग्रेस छोडऩे वाले शंकर सिंह वाघेला ग्रुप के सात और एक कांग्रेस विधायक के क्रॉस वोटिंग की भी खबर है.कांग्रेस नेता भरत सिंह सोलंकी ने दावा किया है कि स्मृति इरानी इस चुनाव में हार सकती हैं. अभी तक बीजेपी के 88, कांग्रेस 43 और शंकर सिंह बाघेला गुट के 7 लोगों ने वोट दिया है.कांग्रेस के एक विधायक करम सिंह मकवाड़ा ने इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग की है. बताया जा रहा है कि यह उन 44 विधायकों में शामिल थे जो बेंगलूरु के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए थे.गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदी बेन पटेल ने कहा है कि इस चुनाव में अहमद पटेल की हार तय है.अगर कांग्रेस का जेडीयू की वोट वाला दावा सही हो जाता है और पार्टी के 44 विधायकों ने भी अहमद पटेल को वोट किया तो अहमद पटेल का राज्यसभा जाने का रास्ता साफ हो जाएगा, लेकिन इनमें से एक भी विधायक ने अगर पटेल को वोट नहीं किया तो वह हार जाएंगे.कांग्रेस ने दावा किया है कि जेडीयू विधायक छोटू भाई वसावा ने अपना वोट अहमद पटेल को दिया है. सू्त्रों के मुताबिक वसावा ने व्यक्तिगत कारणों की वजह से पटेल को अपना वोट दिया है.गुजरात में जेडीयू के विधायक छोटू भाई वसावा ने अपना वोट कर दिया है. शंकर सिंह वाघेला के करीबी माने जाने वाले राघवजी पटेल ने कहा है कि गुजरात में दो पार्टी हैं. एक कांग्रेस और दूसरी बीजेपी. मैंने कांग्रेस को वोट नहीं दिया है. अब आप मान सकते हैं कि मैंने किेसे वोट दिया है.कांग्रेस विधायक ध्रमेंद्र जडेजा ने वोट देने के बाद कहा है कि एक साल से कांग्रेस हमारी बात नहीं सुन रही है. इसलिए हमने बीजेपी उम्मीदवार बलवंत सिंह राजपूत के लिए वोट किया है.अहमद पटेल ने कहा है कि मुझे अपनी जीत का पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा है कि चुनाव को सोनिया गांधी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए.गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने दावा किया है कि राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के तीनों उम्मीदवार की जीत होगी.गुजरात में जेडीयू के सिर्फ एक विधायक छोटू भाई वसावा ने कहा है कि अभी मैंने यह तय नहीं किया है कि मैं किसको वोट दूंगाएनसीपी के दोनों विधायकों ने वोट डाल दिया है. एनसीपी के एक विधायक ने कहा है कि वो बीजेपी को वोट देंगे और एक विधायक का अभी साफ नहीं है कि वो किसको वोट देंगे. हालांकि जयंत पटेल ने अहमद पटेल को वोट देने के संकेत दिए हैं.वोट देने के बाद बोले शंकर सिंह वाघेला, "मैंने अहमद पटेल को वोट नहीं दिया. जब कांग्रेस जीतने वाली ही नहीं है तो उन्हें वोट देने का मतलब नहीं था." बता दें कि कुछ दिनों पहले ही शंकर सिंह बाघेला ने कांग्रेस पार्टी छोड़ी थी.सूत्रों के मुताबिक, सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को बड़ी राहत मिल सकती है, खबर ये है कि गुजरात में जेडीयू के विधायक ने बीजेपी को वोट देने से मना कर दिया है. बिहार में जब लालू–नीतीश की सरकार थी, तब जेडीयू ने गुजरात में जेडीयू के सिर्फ एक विधायक छोटू भाई वसावा को कांग्रेस के समर्थन में वोट देने को कहा था, लेकिन अब बीजेपी-जेडीयू की सरकार बिहार में बनने के बाद नीतीश कुमार और केसी त्यागी ने वसावा को बीजेपी के समर्थन में वोट देने को कहा है. लेकिन वसावा नें बीजेपी को वोट देने से मना कर दिया है. माना जा रहा है कि वसावा शरद यादव के करीबी हैं.
गुजरात के विधायकों का गणित

गुजरात विधानसभा में कुल 182 सदस्य हैं. 6 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे के बाद अब विधानसभा में 176 विधायक बचे हैं. इनमें बीजेपी के 121 और कांग्रेस के 51 विधायक हैं. जीत के लिए हरेक उम्मीदवार को कम से कम 45 विधायकों के वोट चाहिए. बीजेपी विधायकों की संख्या के मद्देनजऱ अमित शाह और स्मृति ईरानी की जीत तय है.

बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार के पास सिर्फ 31 वोट

बीजेपी के तीसरे उम्मीदवार बलवंत सिंह के पास उनकी पार्टी आंकड़ों के हिसाब से सिर्फ 31 वोट हैं, लेकिन बीजेपी बाहरी विधायकों के वोट झटकने की उम्मीद में बलवंत की जीत का दावा कर रही है. कांग्रेस के 51 विधायकों के आधार पर अहमद पटेल की जीत पक्की होनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं है.  अहमद पटेल के पाले में कांग्रेस के वो 44 विधायक ही पक्के माने जा रहे हैं, जिन्हें पहले बेंगलूरु और फिर आणंद के रिजॉर्ट में एक साथ रखा गया था.

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